लोनावला (संवाददाता):लोनावला में हाल ही में संपन्न हुई चार दिवसीय भव्य कार्यशाला “अल्टिमेट मिलियनेयर ब्लूप्रिंट” ने महाराष्ट्र के उद्यमियों को सोच, सिस्टम और नेतृत्व के एक नए स्तर से परिचित कराया। यह कार्यक्रम केवल व्यवसायिक विकास तक सीमित न रहकर जिम्मेदार नेतृत्व, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण की स्पष्ट सोच को सामने लेकर आया।
इस परिवर्तनकारी कार्यशाला का आयोजन देविदास ग्रुप ऑफ कंपनी द्वारा किया गया, जिसका नेतृत्व भारत के प्रसिद्ध आध्यात्मिक बिज़नेस कोच एवं मेंटर देविदास नाईकरे ने किया। प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा—
“व्यवसाय का असली उद्देश्य केवल मुनाफा नहीं, बल्कि समाज को सशक्त बनाना और राष्ट्र के विकास में योगदान देना है।”
कार्यशाला में बिज़नेस चक्र मॉडल, माइंडसेट रीप्रोग्रामिंग, टीम स्ट्रक्चर और नेतृत्व, ब्रांडिंग व बिज़नेस सिस्टम, रेवेन्यू ग्रोथ फ्रेमवर्क, बिज़नेस ऐज़ सर्विस और आध्यात्मिक नेतृत्व पर गहन और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
समापन समारोह के दौरान महाराष्ट्र के चुनिंदा उद्यमियों को उनके उत्कृष्ट कार्य और सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में दीपक पाल, डॉ. नेहा सिंह रोडा, भावना योगेश आरोते, डॉ. रुचि गुलाटी, शब्बीर मोहम्मद गुलजार शेख, लहू शेटे, ज्योति सिंह, नवगांव सादु, स्ट्री सोशल फाउंडेशन, रफीक यूनुस धुक्का, संदीप अध्यापक, सुंदीप भडाडे, संदेश भुजबळ और धर्मेंद्र शर्मा सहित अन्य शामिल रहे।
इस अवसर पर देविदास ग्रुप ऑफ कंपनी के प्रमुख बिज़नेस कोच—वेदांत नाईकरे, प्रमोद भुजबळ, डॉ. स्नेहा हिंगे, मिहिर शेखावल, हर्ष, देवा नारायणकर, डॉ. सुनील सुतार, प्रफुल्ल कांबळे, कुशल लोनारकर, दीपेश पांडे और अजय राणे—भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में बॉलीवुड अभिनेता विंदु दारा सिंह की मौजूदगी ने आयोजन को और खास बना दिया। उन्होंने कहा—“सच्ची सफलता वही है, जब आपका व्यवसाय आगे बढ़े और समाज भी सशक्त हो।”
कार्यक्रम का मूल संदेश सभी के दिलों तक पहुँचा—“जब नेतृत्व सेवा की भावना से जुड़ता है, तब व्यवसाय टिकाऊ, प्रभावशाली और सार्थक बनता है।”

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