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जन-गण-मन का

मैं! लोकतंत्र—लोकतंत्र—लोकतंत्र हूँ। जन-गण-मन की सफलता का मूल मंत्र हूँ॥ कर्मवीरों के लिए मैं!सहज-सरल हूँ, धर्मधीरों के लिए मैं! सहज-सरल हूँ। सर्वत्र एकोंकार देखने वाले सभी, सत्यवीरों के लिए मैं! सहज-सरल हूँ। मैं! निस्वार्थता का निर्माण-यंत्र हूँ॥ पंचतत्त्व ही सभी के, जीवनाधार हैं। धरती पर कोई भी नहीं, निराधार है। प्रकृति ने ही, रचना की है सभी की, प्रकृति ही सभी की, सर्वाधार है। मैं! प्रकृति की प्रभुता का सुमंत्र हूँ॥ श्रीराम ने अपनी शक्ति बनाया मुझको, कठिन रास्तों से लंका तक जाने के लिए, असंभव को संभव बनाने के लिए, श्रीराम ने अपनी युक्ति बनाया मुझको। मैं! सर्व-सिद्धियों से पोषित श्री-यंत्र हूँ॥ जनता ने मेरे लिए अनेकों, बलिदान दिए। दुष्टताओं ने युगों तक, षड्यंत्र किए। लोकतंत्र का स्वराज लाने के लिए, भारतवीरों ने अनेकों, दुख-दर्द सहे। मैं! भारत के लोकतंत्र का गणतंत्र हूँ। मैं गणतंत्र—गणतंत्र—गणतंत्र हूँ॥ — श्रीमती पूजा श्री मुंबई

नवरात्र विशेष काव्य संध्या का भव्य आयोजन

  रा.सा.सा.व सां.संस्था काव्यसृजन द्वारा गूगल मीट पर लाईव नवरात्र विशेष भजन संध्या बड़े ही हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुई। मुख्य अतिथि आभा चौहान की उपस्थिति में हौंसिला प्रसाद अन्वेषी व मोतीलाल बजाज के मार्गदर्शन में,अध्यक्षता सौरभ दत्ता जयंत ने की और संचालन बड़ी ही खूबसूरती के साथ पं.श्रीधर मिश्र ने किया। पं.शिवप्रकाश जौनपुरी द्वारा माँ सरस्वती की वंदना से शुरू हुए आयोजन को अपनी स्वरचित देवी गीत कविता गजल से भक्तिमय बनाया,मिनाक्षी राजपुरोहित, डॉ शैलबाला अग्रवाल, डी एन माथुर, शालू मिश्रा, श्रीकृष्णा काळकर, शशिकला काळकर, कु.स्नेहल जिलाजीत यादव, वैशाली सिंह, ब्रजेन्द्र नारायण द्विवेदी,पूनम शर्मा, मनिंद्र सरकार, माता प्रसाद शर्मा, पवनकुमार मिश्र, रेखा पाण्डेय, डॉ किशन तिवारी, हौंसिला प्रसाद अन्वेषी, श्रीधर मिश्र, मोतीलाल बजाज, सौरभ दत्ता जयंत, पं.शिवप्रकाश जौनपुरी आदि ने सुन्दर सुन्दर शब्द पुष्प माँ भगवती के चरणों में अर्पित कर संध्या को सुगंधित कर दिया। लगभग तीन घंटे तक चले इस अनूठे आयोजन में बड़ी संख्या में श्रोता भी जुड़े और भरपूर आनंद लिया। अध्यक्षता कर रहे सौरभ दत्ता जयंत ने सभी र...

अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच का ऑनलाइन सम्मान समारोह सम्पन्न

अग्निशिखा मंच समाजिक और साहित्यिक संस्था है जो पिछले कई वर्षों से विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही है। साथ ही हिंदी साहित्य के क्षेत्र में विगत दस वर्षों से काव्य सम्मेलन का आयोजन होता चला आ रहा है। इस संस्था की अध्यक्ष डॉ अलका पांडेय ने कोरोना काल के दौरान लॉकडाउन में ऑनलाइन कवि सम्मेलन शुरु किया। इसी कड़ी में रविवार दिनांक 26 सितम्बर 2021 को 125 वाँ कवि सम्मेलन व अगस्त माह के श्रेष्ठ रचनाकारों का सम्मान समारोह सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता राम राय ने की और मुख्य अतिथि रहीं डॉ अर्चना दुबे वहीं विशेष अतिथि शिव पूजन पाण्डेय, संतोष साहू, पन्ना लाल शर्मा, आशा जाकड आदि ने मंच के गरिमा प्रदान की। ऑनलाइन कार्यक्रम का मंच संचालन अलका पाण्डेय, सुरेन्द्र हरड़ें, शोभा रानी तिवारी ने किया जिसका विषय 'कभी ऐसा भी तो हो' रखा गया था। उसी अवसर पर करीब 60 कवियों ने अपनी स्वरचित रचनाओ का पाठ किया और अगस्त माह में जिन कवियों ने हर सप्ताह दिये गये विषयों पर कम से कम बीस दिन रचना लिखी उन कवियों को अग्निशिखा गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।  प्रस्तुत है कुछ कवियों की रचनाओं की झलक  कभी यू...

हिंदी हैं हम आयोजन सम्पन्न

काव्य सृजन महिला  मंच के तत्वावधान में और टेन न्यूज़ के सौजन्य से क. स.म.म. की अन्तराष्ट्रीय  अध्यक्ष और ख्वाबगाह की अध्यक्षा अनुपम रमेश किंगर द्वारा एक अंतरराष्ट्रीय काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें भारत सहित अनेक देशों से कवि मनीषियों ने भाग लिए। हिन्दी हैं हम नामक इस काव्य संध्या में हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में सभी ने हिंदी भाषा और साहित्य के प्रति कृतज्ञता से ओत प्रोत कविताओं का पाठ किया। इस कार्यक्रम की संकल्पना, संयोजन एवं प्रस्तुतकर्ता अनुपम रमेश किंगर,काव्य सृजन महिला मंच अंतराष्ट्रीय अध्यक्ष थी। कार्यक्रम का शुभारंभ एक वीडियो के माध्यम से किया गया जिस में विभिन्न वर्ग के लोगों ने हिन्दी के प्रति अपने उद्गार अभिव्यक्त किये। सरस्वती वंदना के उपरांत सभी कवियों ने दओ सत्र में काव्य पाठ किया। श्रीमान शिवप्रकाश जौनपुरी ,अध्यक्ष काव्य सृजन मंच एवं काव्य सृजन महिला मंच , भारत के सानिध्य में होनेवाले इस कार्यक्रम में परम विशिष्ट अतिथि - श्री श्रीधर मिश्रा, भारत मुख्य अतिथि श्रीमती - स्नेहा देव, दुबई  सहित कवयित्री श्रीमती ऋतु प्रिया खरे, भारत कवयित्री...

हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में काव्यसंध्या का हुआ आयोजन

काव्यसृजन महिला मंच महाराष्ट्र इकाई ने हिन्दी दिवस के अवसर पर काव्यसंध्या का आयोजन किया। संस्था की सचिव कवयित्री सुमन तिवारी की अध्यक्षता में संचालन संस्था की अध्यक्षा इंदू मिश्रा ने किया। कई गणमान्यों से सजी इस काव्यसंध्या में बतौर मुख्य अतिथि काव्यसृजन के कोषाध्यक्ष बीरेन्द्र कुमार यादव की उपस्थिति आयोजन में चार चाँद लगा रही थी। देर से ही सही महिला मंच की राष्ट्रीय अध्यक्षा आर जे आरती सैया "हिरांसी"  के पधारने से आयोजन की रौनक और बढ़ गई। अपनी रचनाओं से आयोजन को सफल बनाया, मनिंदर सरकार, श्रीधर मिश्र, वैशाली सिंह, शशिकला कालकर, सुमन तिवारी, इंदू मिश्रा, मोतीलाल बजाज, बीरेन्द्र कुमार यादव, शारदाप्रसाद दूबे"शरद", सौरभ दत्ता "जयंत", आर जे आरती सैया"हिरांसी", पूजा नाखरे, माता प्रसाद शर्मा, हौंसिला प्रसाद अन्वेषी,श्री कृष्ण कालकर, पोपट बिरानी व पं.शिवप्रकाश "जौनपुरी" आदि रहे। आयोजन के विशेष आकर्षण रहे नन्हे मुन्ने हेम जोशी, जो पूजा नाखरे के नवासे हैं। अपनी कविता से सबको मोहित कर दिया। उपस्थित लोगों ने वाह वाही और तालियों से खूब उत्साहवर्धन क...

"काव्य श्री" सम्मान से सम्मानित हुए कवि संदीप प्रजापति "राजा"

 उत्तराखंड की संस्था 'बुलंदी जज्बात-ए-कलम' की ओर से 11 जुलाई से 20 जुलाई 2021 तक सबसे बड़े वर्चुअल कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें देशभर से सभी कवियों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। इस आयोजित विश्व रिकार्ड बनाने वाले वर्चुअल कवि सम्मेलन में प्रमाण पत्र वितरित किए गए। जहाँ गड़वार थाने के ग्राम नारायनपाली, बलिया जिला के युवा कवि संदीप प्रजापति "राजा" को "काव्य श्री" सम्मान से विभूषित किया गया। यह महाकवि सम्मेलन लगातार ऑनलाइन 207 घंटे तक हुआ था, जो अपने आप मे एक विश्व रिकॉर्ड है। संस्था के संस्थापक विवेक बादल बाजपुरी और बुलंदी टीम ने संदीप प्रजापति "राजा" के उज्जवल भविष्य की कामना की। संदीप प्रजापति "राजा" यह सम्मान प्राप्त कर हर्षित हुए। वे नए उभरते हुए कवि हैं और अपनी रचनाओं से सभी को प्रभावित करते हैं। 'बुलंदी जज्बात-ए-कलम' संस्था की ओर से 'काव्य श्री' सम्मान पाकर संदीप प्रजापति काफी उत्साहित हैं। उन्होंने 'बुलंदी जज्बात-ए-कलम' संस्था के संस्थापक और उनकी पूरी टीम को साभार धन्यवाद किया।

महिला काव्य सृजन मंच (सी जी इकाई)द्वारा शिक्षक दिवस पर काव्य गोष्ठी का आयोजन

काव्यसृजन महिला मंच छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा दिनांक 3/9/21 को कश्यप कालोनी में प्रदेश अध्यक्ष रश्मि लता के संयोजन में शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर एक खूबसूरत काव्य संध्या का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि शोभा त्रिपाठी की गरिमामय उपस्थिति में अध्यक्षता शोभा चाहिल ने की तथा सुषमा पाठक, मनीषा भट्ट, वर्षा अवस्थी, मारिया, अणिमा मिश्रा, मयंक मणि , ओमप्रकाश भट्ट सहित अन्य उपस्थित होकर अपनी स्वरचित रचनाओं से संध्या रातरानी की खुशबू जैसे महकाया। कार्यक्रम का संचालन सुनीलदत्त मिश्रा ने किया और सभी ने शिक्षकों के प्रति अपने सम्मानीय विचार व्यक्त किये। सुंदर काव्य वर्षा से पटल को सराबोर कर अपने अध्यक्षीय भाषण शोभा चाहिल ने सभी रचनाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए सभी की रचनाओं पर संक्षिप्त प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि शोभा त्रिपाठी ने आयोजन की व आयोजक की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। अंत में इकाई अध्यक्षा रश्मिलता मिश्रा ने सभी का आभार व्यक्त किया।

काव्यसृजन द्वारा शतकीय काव्य गोष्ठी में बहुभाषीय काव्य संध्या का उत्कृष्ट आयोजन सम्पन्न

    रा. सा.सा.व सां.संस्था काव्यसृजन की १००वीं काव्यगोष्ठी साहित्यिक पखवाड़े के रूप में मनाई जा रही है। जिसमें लगातार प्रतिदिन सायं काल साढ़े पाँच बजे से विभिन्न आंचलिक/ भारतीय बोली - भाषा की काव्य गोष्ठीयां आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में २० अगस्त २०२१ दिन शुक्रवार को काव्यसृजन  के संयोजन में "बहुभाषीय" हिन्दी, कच्छी, मराठी, बांग्ला, अवधी, ब्रज भाषा के गीतों से ओत प्रोत आयोजन मुम्बई के प्रसिद्ध विद्वान आदरणीय हौंसिला प्रसाद अन्वेषी की अध्यक्षता में अपने गौरव को प्राप्त किया।    इस आयोजन की दिव्यता मुख्य अतिथि आदरणीय राजेश उपाध्याय "नाईस म्युजिक" के निर्देशक की पूर्णकालिक उपस्थित में अनंत गुना बढ़ गई।     मुम्बई की प्रसिद्ध कवयित्री आर जे आरती सैया ने उत्कृष्ट संचालन कर सबको आह्लादित कर दिया। संस्थापक अध्यक्ष पं.शिवप्रकाश जौनपुरी ने इस गौरवमय आयोजन का सुन्दर संयोजन किया। आयोजन की शुरुआत आरती ने सरस्वती वंदना से की। इसके बाद पटल पर उपस्थित कवि कवयित्री,शशिकला कालकर,नम्रता श्रीवास्तव,सत्यवती मौर्या,मृदुला मिश्रा,चैतन्या कुमारी,ब्रिजेन्द्र नरायण दूबे,शा...

काव्यसृजन द्वारा शतकीय काव्य गोष्ठी का आठवां उत्कृष्ट आयोजन सम्पन्न

  रा. सा.सा.व सां.संस्था काव्यसृजन की १००वीं काव्यगोष्ठी साहित्यिक पखवाड़े के रूप में मनाई जा रही है। जिसमें लगातार प्रतिदिन सायं काल साढ़े पाँच बजे से विभिन्न आंचलिक/ भारतीय बोली - भाषा की काव्य गोष्ठीयां आयोजित की जा रही हैं, इसी क्रम में १९अगस्त २०२१ दिन गुरुवार को काव्यसृजन दिल्ली इकाई के संयोजन में हिन्दी अवधी ब्रज भाषा के गीतों से ओत प्रोत आयोजन मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध विद्वान आदरणीय डॉ किशन तिवारी की अध्यक्षता में अपने गौरव को प्राप्त किया।    इस आयोजन की दिव्यता मुख्य अतिथि जनाब ए के शेख सर जी की अल्पकालिक उपस्थित में अनंत गुना बढ़ गई।     मुम्बई की प्रसिद्ध कवयित्री आर जे आरती सैया और कवि  पं. शिवप्रकाश जौनपुरी ने संयुक्त रूप से उत्कृष्ट संचालन कर सबको आह्लादित कर दिया। संस्थापक अध्यक्ष पं.शिवप्रकाश जौनपुरी ने इस गौरवमय आयोजन का सुन्दर संयोजन किया। आयोजन की शुरुआत आरती जी ने सरस्वती वंदना से की। इसके बाद पटल पर उपस्थित कवि कवयित्री मिनाक्षी राजपुरोहित, प्रज्ञा राय, वैशाली सिंह, ए के शेख सर, शशिकला कालकर, सुमन तिवारी, रंजना करकरे, पूजा नाखरे, रश्मिलत...

काव्यसृजन द्वारा शतकीय काव्य गोष्ठी में दिल्ली इकाई का उत्कृष्ट आयोजन

     रा. सा.सा.व सां.संस्था काव्यसृजन की १००वीं काव्यगोष्ठी साहित्यिक पखवाड़े के रूप में मनाई जा रही है। जिसमें लगातार प्रतिदिन सायं काल साढ़े पाँच बजे से विभिन्न आंचलिक/ भारतीय बोली - भाषा की काव्य गोष्ठीयां आयोजित की जा रही हैं, इसी क्रम में १८अगस्त २०२१ दिन बुधवार को काव्यसृजन दिल्ली इकाई के संयोजन में हिन्दी अवधी ब्रज भाषा के गीतों से ओत प्रोत आयोजन मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध विद्वान आदरणीय विजय तिवारी किसलय की अध्यक्षता में अपने गौरव को प्राप्त किया।    इस आयोजन की दिव्यता मुख्य अतिथि सर्राफ सागर उदयपुरी की पूर्णकालिक उपस्थित में अनंत गुना बढ़ गई।     दिल्ली के प्रसिद्ध कवि व दिल्ली इकाई के अध्यक्ष पंकज तिवारी ने उत्कृष्ट संचालन कर सबको आह्लादित कर दिया। संस्थापक अध्यक्ष पं.शिवप्रकाश जौनपुरी ने इस गौरवमय आयोजन का सुन्दर संयोजन किया। आयोजन की शुरुआत  कुमार राजहंस मिश्र व कुमारी शिवानी मिश्रा ने अपने सुमधुर स्वर में संगीतमय सरस्वती वंदना से की। इसके बाद पटल पर उपस्थित कवि कवयित्री आराधना सिंह'अनु'( बिहार), सूरज स्वरांश (कोलकाता), मंजुला श्रीवास्तवा,...

जीकेसी झारखंड कला-संस्कृति प्रकोष्ठ के सौजन्य से ‘भारतीय स्वाधीनता में कला-संस्कृति की भूमिका’ पर आधारित संगोष्ठी

भारतीय स्वाधीनता में कला-संस्कृति की महत्वपूर्ण भूमिका : राजीव रंजन प्रसाद रांची, पटना ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) झारखंड कला-संस्कृति प्रकोष्ठ के सौजन्य से ‘भारतीय स्वाधीनता में कला-संस्कृति की भूमिका’ पर आधारित ऑनलाइन संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जहां देशभर से प्रबुद्ध वक्ताओं ने इसमें अपने विचार व्यक्त किये जो विविधता से परिपूर्ण और नई पीढ़ी के लिए भी काफी ज्ञानवर्द्धक साबित हुये।       संगोष्ठी कार्यक्रम का संचालन जीकेसी कला-संस्कृति प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय सचिव और सुप्रसिद्ध कथक नृत्यांगना, शिक्षाविद् एवं विदुषी संचालिका श्रीमती श्वेता सुमन ने किया, जबकि कार्यक्रम का ऑनलाइन संचालन जीकेसी डिजिटल तकनीकी प्रकोष्ठ के महासचिव सौरभ श्रीवास्तव ने किया।संगोष्ठी का विधिवत शुभारंभ करते हुये जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने अपने संप्रेषण में कहा कि आज एक ऐसे विषय को संगोष्ठी के लिए रखा गया है, जिसमें भारतीय स्वाधीनता के दौरान अनाम योद्धओं को भी हमें याद करने का मौका मिला। समाज के विभिन्न विधाओं के क्षेत्रों के लोग चाहे वे कला संस्कृति, अध्यात्म, पत्रकार, साह...

अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच के तत्वावधान में एक सौ दसवाँ ऑनलाइन कवि सम्मेलन सम्पन्न

  नवी मुम्बई। अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच लॉकडाउन से सतत अंतरराष्ट्रीय काव्य सम्मेलन का ऑनलाइन आयोजन करती आ रही है। इसी कड़ी में यह एक सौ दसवाँ 110 वॉ कवि सम्मेलन 'आया बुढ़ापा' पर रखा गया था। यह काव्य सम्मेलन भी हमेशा की भांति आनंदपूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन मंच की अध्यक्ष डॉ अलका पाण्डेय, सुरेन्द्र हरड़ें और शोभा रानी तिवारी ने किया। समारोह की अध्यक्षता रामराय ने निभाई तथा मुख्य अतिथि थे डॉ कुँवर वीर सिंह। वहीं विशेष अतिथि आशा जाकड, सुधा चौहान, नागेन्द्र दुबे, जनार्दन सिंह ने अपने उद्बोधन से सभी रचनाकारों का हौसला बढ़ाया।  आभार व्यक्त किया नीरजा ठाकुर ने एवं सरस्वति वंदना वैष्णव खत्री ने कीं। कार्यक्रम शुरु होते ही मंच पर साठ कवियों ने काव्य पाठ किया जो कि बुजुर्गों को समर्पित था।  धीरे धीरे इंसान बूढ़ा होता है और वह क्या सोचता है आदि। हकिकत में देखें तो कोई बुढा नहीं होना चाहता बुढापे की क्या तकलीफे व फायदें है,   आदि बातें रचनाओं में समाहित रही।   यहां प्रस्तुत है साहित्यकारों की श्रेष्ठ रचनाएं :- 1. नया नया आया बुढापा  इज़्ज़त पा रहा बुढापा...

शीतला प्रसाद निराला की 'हस्ताक्षर' हुई पुनर्जीवित

 पंजीकृत संस्था हस्ताक्षर जिसके संस्थापक अध्यक्ष कवि शीतला प्रसाद निराला थे वह पुनर्जीवित हो गई है। कल कार्यक्रम की अध्यक्षता पंडित सूर्यकांत शुक्ला ने किया और संचालन विनय शर्मा दीप ने । उपस्थित कवियों में श्री जवाहरलाल निर्झर, रामजी कनौजिया, रवि यादव कुँआरा जी महाराज और संस्था के कर्ता-धर्ता शीतला प्रसाद निराला के सुपुत्र सूत्रधार के रूप में उपस्थित थे। सभी कवियों ने निराला की काव्य साधना पर प्रकाश डालते हुए हस्ताक्षर संस्था को फिर से गति देने का संकल्प लिया और अपनी कविता का पाठ किया। कार्यक्रम दहिसर के रावलपाड़ा में संपन्न हुआ।  भविष्य में भी महीने के दूसरे रविवार को सायं 3:30 से 6:00 बजे तक कार्यक्रम करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया जिसकी सूचना पुनः दी जाएगी।

काव्यसृजन ने किया 'कजरी महोत्सव सावनी फुहार' का आयोजन

सा.सा.व सांस्कृतिक संस्था काव्यसृजन के तत्वावधान में टेन न्यूज लाईव के सौजन्य से 'कजरी महोत्सव सावनी फुहार' में मुख्य अतिथि डॉ श्रीहरि वाणी की गरिमामय उपस्थिति समस्त कवि वृंद को प्रोत्साहित करते आनंद को दोगुना बनाये हुई थी। आदरणीय हौंसिला अन्वेषी की अध्यक्षता में सौरभ दत्ता जयंत  ने उत्कृष्ट संचालन किया। व्यवस्थित रूप से सुनिश्चित समय में सभी कवियों ने अपना  काव्यपाठ करके आयोजन को चरमानंद तक पहुँचा दिया। आज का यह आयोजन तकनीकी बाध्यता के कारण दो सत्रों में विभाजित था। प्रथम सत्र में राजीव मिश्र लालबहादुर यादव इंदू मिश्रा,  नीलिमा पाण्डेय, हौंसिला अन्वेषी ने अपनी स्वरचित कजरी से सबको सावन के झूले का आनंद दिया साथ में नीलिमा ने भोले नाथ का अर्चन कजरी के माध्यम से करते हुए सावन और कजरी दोनों को सार्थकता प्रदान की , वहीं दूसरे सत्र में मुख्य अतिथि पं.श्रीधर मिश्र की उपस्थिति में संचालन का मोर्चा पुनः हौंसिला अन्वेषी की अध्यक्षता में सौरभ दत्ता जयंत ने सम्हाला। दूसरे सत्र को अपनी रचनाओं से आह्लादित करने वाले पं.शिवप्रकाश जौनपुरी, सुमन तिवारी, विनय शर्मा दीप, लालबहादुर यादव कमल,...

काव्यसृजन की शतकीय गोष्ठी पर सप्त दिवसीय काव्योत्सव

          राष्ट्रीय साहित्यिक सामाजिक एवम सांस्कृतिक संस्था 'काव्यसृजन'अपनी १०० वीं काव्यगोष्ठी का आयोजन 12 अगस्त से 18 अगस्त 2021 तक लगातार सात दिनों तक सायं 5-30 से 7-30 तक  गूगलमीट पर करने जा रही है। इसमें प्रत्येक दिन का आयोजन अलग अलग भारतीय भाषाओं या बोलियों का होगा जिसका संचालन एवम काव्य पाठ सब उसी भाषा या बोली का होगा। लगभग ७ भाषाओं में ये गोष्ठीयां आयोजित की जायेगी। वैसे तो संस्था हर महीने के प्रथम रविवार को मासिक काव्यगोष्ठी का आयोजन करती रही हैं है पर जब से कोरोना ने देश में पैर पसारे तब से संस्था आनलाईन गूगल मीट या विडियो लाईव द्वारा सतत आयोजन करती आ रही है। इन सौ मासिक काव्यगोष्ठियों के इतर भी कई कार्यक्रम संस्था ने किये, जैसे सामाजिक जागरुकता के लिए परिचर्चा आयोजित की, जिसमें देश के विद्वानों ने सबको सजग रहने के लिए अपने  सुझाव दिए।      'कोरोना से क्या खोया क्या पाया'इस विषय पर भी चर्चा काव्य सृजन के पटल पर की गई।     लोगों के मनोरंजन के लिए संस्था ने हास्य, गीत, संगीत के भी बीच बीच में आयोजन कर लोगों को अवसाद से ...

काव्य सृजन के पटल पर पधारे अंसार कंबरी

  काव्य सृजन परिवार ने शौर्य की कवियित्री के रूप में प्रसिद्ध अपनी कोषाध्यक्ष डॉ वर्षा सिंह का जन्मोत्सव ऑन लाइन उन पर काव्य सुमन की वर्षा करके मनाया। यह अवसर तब स्मर्णीय हो गया ज़ब वर्षा सिंह को बधाई देने काव्य सृजन के पटल पर " भारत सरकार द्वारा सौहार्द्र सम्मान से अभिनंदित तथा लालकिले की प्राचीर से राष्ट्रीय गीतों का काव्य पाठ करने वाले और श्रीराम पर लिखते प्रसिद्ध संस्था 'मानस संगम' से सम्मानित प्रसिद्ध गजलकार 'अंसार कंबरी' भी पधारे और अपना काव्य पाठ करते वर्षा सिंह को एवम परिवार के सभी सदस्यों को हार्दिक शुभकामनायें दीं।          काव्य सृजन की महिला मंच ने अपनी  लाडली कोषाध्यक्ष डॉ वर्षा सिंह का जन्मदिन 22 जुलाई 2021 दिन गुरुवार को  बड़े ही सुन्दर अंदाज में मनाया।          रश्मिलता मिश्रा की अध्यक्षता में बड़े ही सुन्दर ढंग से संचालन संगीता पाण्डेय ने किया। पं.शिवप्रकाश जौनपुरी के मार्गदर्शन में डॉ भावना दिक्षित की गरिमामय उपस्थित में देश के अन्य भागों से जुड़कर कवि कवयित्रियों ने अपनी लाडली डॉ वर्षा सिंह को ढेरों बधाइय...

काव्य सृजन द्वारा " काव्यात्मक अभिनन्दन

मुम्बई की साहित्यिक संस्था " काव्य सृजन " साहित्यिक विभूतियों का अभिनन्दन काव्य सुमनों से करती हैं। इसी श्रृंखला में विगत 20 जुलाई को सायं 06से 08 बजे तक चले ऑन लाइन समारोह में काव्य सृजन के मार्गदर्शक डॉ. श्रीहरि वाणी का 65 वाँ जन्मोत्सव मनाने हेतु राजस्थान , नागपुर , जौनपुर , मुम्बई, मध्य प्रदेश आदि देश के विभिन्न स्थानों से साहित्यकार विद्वानों ने अपने प्रिय श्रीहरि वाणी को अपनी काव्यात्मक शुभ मङ्गल कामनाओं से सराबोर करते उन्हें सुदीर्घ , सक्रिय , स्वस्थ, प्रसन्न, रहने की प्रार्थना प्रभु से की और उनकी सद्य प्रकाशित पुस्तक.."दूरदेश से आते आखर " का स्वागत भी किया। इस आयोजन को काव्य सृजन द्वारा डाली जा रही एक अनूठी परम्परा के रूप में सभी ने सराहा कि यह काव्य सृजन परिवार अपने परिजनों का जन्मोत्सव भी सृजन धर्मिता के रूप में मनाता हैं। शब्द साधकों का सम्मान भी शब्द सुमनों से सामूहिक रूप में करना एक अद्भुत आनन्दोत्सव बन जाता हैं। इस आयोजन की परिकल्पना संस्थापक पं शिवप्रकाश जौनपुरी ने त्वरित निर्णय लेते आकस्मिक काव्य गोष्ठी के रूप में कुछ ही घंटो में साकार कर दीं, संचालन...

काव्य सृजन महिला मंच छ.ग.की इकाई द्वारा काव्य गोष्ठी का आयोजन

काव्य सृजन महिला मंच छ. ग .इकाई द्वारा काव्य गोष्ठी का आयोजन संस्था की प्रदेश अध्यक्षा रश्मि लता मिश्रा द्वारा आयोजित की  गई। जिसमें मुख्य अतिथि सरिता सिंघई बालाघाट, विशिष्ट अथिति रचना सक्सेना प्रयागराज, भावना दीक्षित जबलपुर, वीणा वेदिनी बेंगलूर रहीं। संस्था के  संस्थापक पं.शिवप्रकाश जौनपुरी के मागदर्शन में आयोजन हुआ। अध्यक्षता डॉ प्रियंका त्रिपाठी ने की। वर्षा अवस्थी का संचालन बहुत सझक्त व सराहनीय रहा। इस प्रथम काव्यगोष्ठी को अपनी रचनाओं से सुगंधित करने वाले कवि कवयित्री पुष्प थे, सौरभ दत्ता जयंत, मनिंदर सरकार, इंदू मिश्रा, डॉ वर्षा सिंह, सुमन तिवारी, डॉ भावना दिक्षित, रशश्मिलता मिश्रा, शोभा त्रिपाठी, रचना सक्सेना, वर्षा अवस्थी, सीमा निगम, मीनाक्षी राजपुरोहित, अनीता शरद झा, अंजना सिंह, पं.शिवप्रकाश जौनपुरी सहित उपस्थित मंचासीन जनों ने पटल को अनेक सुंदर रंगों से सराबोर कर दिया।      इस प्रथम काव्यगोष्ठी की गरिमा तब और दोगुनी हो गई जब अपनी गरिमामय उपस्थिति से श्रोता के रूप में पटल आखिर तक उपस्थित रहकर जान डालने वाले कवि अरुण दूबे अविकल मुम्बई से, आशिमा दत्ता छ.ग....

💥काव्यसृजन महिला मंच का बरखा बहार व शहीदों को नमन आयोजन सम्पन्न💥

      काव्य सृजन महिला मंच के तत्वावधान में और टेन न्यूज़ के सौजन्य से का.स. म. मं. की अंतरराष्ट्रीय अध्यक्षा और ख्वाबगाह की अध्यक्षा अनुपम रमेश किंगर द्वारा एक अंतरराष्ट्रीय काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें भारत सहित अनेक देशों से कवि मनीषियों ने भाग लिए। बरखा बाहर नामक इस काव्य संध्या में कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में सभी ने देश प्रेम और शहीदों के प्रति कृतज्ञता से ओत प्रोत कविताओं का पाठ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंडित शिवप्रकाश जौनपुरी ने की और मुख्य अतिथि मुम्बई से श्रीमती मंजू लोढ़ा थीं। संचालन अनुपम रमेश किंगर ने किया।     यह आयोजन दो सत्रों मे विभाजित था। एक सत्र में बरखा बहार से संबन्धित तो दूसरे सत्र में शहीदों को नयन करते हुए देशभक्ति से परिपूर्ण रचनायें सुनने को मिली। 2 घंटे तक चले इस साहित्यिक कार्यक्रम में अनेक जाने पहचाने कवियों ने इस संध्या को अपने शब्दों से भारतीयता में सराबोर कर दिया। भाग लेने वाले कवियों में सर्वश्री त्रिलोक नाथ पांडेय, यशपाल यश, श्वेता सिंह उमा, विभा तिवारी , निवेदिता रॉय , गरिमा सूदन, काव्यसृजन के उपकोषाध्यक्ष सौरभ...

राजस्थानी भाषा काव्योत्सव सम्पन्न

 🍁🍁 काव्य सृजन परिवार , मुम्बई 🍁🍁    मुम्बई महानगर में अपनी बहुआयामी साहित्यिक गतिविधियों के लिये विख्यात काव्य सृजन परिवार इन दिनों विभिन्न प्रान्तों के भाषाई काव्योत्सवों के आयोजनों से उन प्रान्तों के आंचलिक भाषाई सम्बन्धों की प्रगाढ़ता को समाज के सामने लाने का अनूठा कार्य कर रहा है.              उसी की कड़ी में 11 जुलाई रविवार को राजस्थान के विभिन्न अंचलों की बोलियों से संपृक्त राजस्थानी भाषा काव्योत्सव का आयोजन किया गया.                इस भाषाई कविगोष्ठी के मुख्य संयोजक वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. श्रीहरि वाणी थे. लगातार तीन घण्टे तक चली इस गोष्ठी की अध्यक्षता कोटा राज. के वरिष्ठ कवि विष्णु शर्मा "हरिहर" ने करी . मुम्बई महानगर के प्रख्यात समाजसेवी और अनेक समाचार पत्रों के स्तम्भ लेखक तथा व्यवसायी श्री दीनदयाल मुरारका ( मूल निवासी - नवलगढ़, राजस्थान ) समारोह के मुख्य अतिथि थे . अखिल भारतीय साध्वी शक्ति परिषद की कोषाध्यक्ष प्रखर तेजस्वी वक्ता  महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. हेमानंद सरस्वती के शुभाशीर्वा...