जाट आरक्षण आंदोलन की व्यथा है यह गीत
मुम्बई। पैनोरमा स्पॉटलाइट और ट्विस्टर इंटरटेनमेंट के सहयोग से बनी फिल्म 'चीर हरण' के ट्रेलर का लोगों पर गहरा प्रभाव पड़ा है। इस ट्रेलर ने लोगों को जाट आरक्षण आंदोलन और उसके बाद की वास्तविक घटना को जानने के लिए लोगों को प्रेरित कर उनकी रुचि को और बढ़ाई है। डॉक्यूमेंट्री की रिलीज़ की प्रत्याशा के बीच, अभिनेता सुनील ग्रोवर ने इस फिल्म का गाना 'माटी की माँ माटी मिल गई' को लॉन्च किया।
साधु एस तिवारी द्वारा रचित और स्वरबद्ध किए गए इस गाने को रोहित शर्मा ने लिखा है। 'माटी के मां माटी में मिल गई' यह गाना अपने प्रियजनों के खोने के बाद जीवन में पैदा हुए खालीपन को व्यक्त करता है।
सुनील ग्रोवर इस बारे में कहते हैं कि मैं चीर हरण की म्यूज़िक टीम की सराहना करता हूं, कि उन्होंने इतना बेहतरीन गाना बनाया। इस गाने को लॉन्च करना मेरे लिए बहुत ही सम्माननीय है, मुझे लगता है कि डॉक्यूमेंट्री का पूरा सार इसके माध्यम से व्यक्त किया गया है। यह गीत वास्तव में हमारे परिवार के प्रति हमारे प्यार को दर्शाता है।
निर्देशक कुलदीप रुहिल कहते हैं, "इस गाने की मेरे दिल में खास जगह है। इसकी पहली कुछ पंक्तियाँ एक लोकप्रिय हरियाणवी लोक गीत 'माटी की माँ माटी मिल गई' से प्रेरित हैं। मैं इस डॉक्यूमेंट्री के दौरान जब मृतकों के परिवार से साक्षात्कार कर रहा था तो उनके यह शब्द थे 'मट्टी मिला दिया बेटा इस आरक्षण ने' यह बात मेरे दिमाग में काफी समय तक गूंजती रही। हमारे गीतकार रोहित शर्मा ने पूरे गाने को फिर से इस तरह लिखा है कि यह उन परिवारों के हर व्यक्ति की भावनाओं को व्यक्त करता है। इसलिए जब मैं अपनी संगीत टीम के साथ बैठा, तो यह गाना उसी रूप में मेरे सामने आया जैसा की में चाहता था। मैं जब भी यह हना सुनता हूं मेरी आंखों में आसूं आ जाते हैं और मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। यह एक ऐसा गीत है, जिसमें पूरी फ़िल्म का सार है।
पैनोरमा स्पॉटलाइट द्वारा प्रस्तुत और ट्विस्टर एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित 'चीर हरण' 29 जनवरी को सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जाएगी।
संतोष साहू

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