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पहली बार आयोजित वर्चुअल फेविक्रिएट आइडिया लैब विज्ञान प्रतियोगिता 2020-21 के विजेताओं की घोषणा

 




चेन्नई के सना मॉडल स्कूल के डी. सैयद इब्राहिम, बुद्ध दल पब्लिक स्कूल, पटियाला की गुरनाज कौर आनंद और दिवान-बल्लुभाई प्राइमरी स्कूल, अहमदाबाद के अयान ए अजमेरी रहे विजेता। 

मुंबई, 18 मार्च 2021- फेविक्रिएट के तत्वावधान में पिडिलाइट द्वारा देश के सभी शहरों में आयोजित वर्चुअल फेविक्रिएट आइडिया लैब विज्ञान प्रतियोगिता 2020-21 के विजेताओं की घोषणा कर दी गई है। चेन्नई के सना मॉडल स्कूल के डी. सैयद इब्राहिम ने रीयूज और रीसाइकल की थीम पर बने अपने प्रोजेक्ट  के लिए पुरस्कार हासिल किया, जबकि बुद्ध दल पब्लिक स्कूल, पटियाला की गुरनाज कौर आनंद और दिवान-बल्लुभाई प्राइमरी स्कूल, अहमदाबाद के अयान ए अजमेरी को रीयूज और रीसाइकल फोकस करते हुए फ्यूचरिस्टिक थीम पर निर्मित अपने प्रोजेक्ट्स के लिए पुरस्कार दिया गया।

पिछले पूरे साल हर किसी के लिए एक असाधारण अनुभव रहा है, खासकर युवाओ के लिए यह साल बहुत महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि इसी दौरान उनकी वर्चुअल दुनिया में चुनौतियों के साथ बदलाव आया था। हालांकि ऑनलाइन शिक्षा जारी रही, लेकिन क्लासरूम के अनुभव को ज्यादातर लोगों ने बहुत मिस किया। इसी फासले को दूर करने के लिए फेविक्रिएट आइडिया लैब की ओर से अखिल भारतीय विज्ञान ऑनलाइन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें युवा वैज्ञानिकों को अपनी क्षमता का पूरी तरह से पता लगाने के लिए एक प्लेटफाॅर्म प्रदान किया गया।

स्कूल से दूर रहने के दौरान इस प्रतियोगिता ने भविष्य के वैज्ञानिकों को अपने शिक्षकों, माता-पिता और अपने शोध के सहारे अपनी कल्पना को पंख देने में मदद की। इस दिशा में जरूरी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें कुछ नया सोचने का अवसर भी मिला। इसका उद्देश्य छात्रों को कुछ नया सीखने, नया बनाने और नवाचार करने के लिए प्रोत्साहित करना है। यह विचार दरअसल ‘लर्निंग बाई डूइंग’ के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए था, ताकि प्रतिभाशाली युवा सिद्धांतों के साथ-साथ अवधारणाओं के वास्तविक कार्य को भी समझ सकें।

योग्य 36 प्रविष्टियों के प्रतिभागियों ने मार्च 2021 में आयोजित भव्य समापन समारोह के दौरान मानद निर्णायकों के समक्ष अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। प्रख्यात निर्णायकों में डाॅ. श्रीमती केसन (एम्बेसडर टू नासा, ईएसए एंड जीसीटीसी स्पेस कैम्प्स), श्रीमती नलिना (फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर, पेरेंट सर्किल) और श्री विवेक अब्रोल (सीनियर वाइस प्रेसीडेंट, सीपीएएसएफ, पिडिलाइट इंडस्ट्रीज) शामिल थे। प्रोजेक्ट के पीछे की समझ और विचार प्रक्रिया के आधार पर विजेताओं का चयन किया गया।

श्री विवेक अब्रोल (सीनियर वाइस प्रेसीडेंट, सीपीएएसएफ, पिडिलाइट इंडस्ट्रीज ने कहा, ‘‘फेविक्रिएट में हम ‘लर्निंग बाई डूइंग’ की शक्ति में विश्वास करते हैं। पहली फेविक्रिएट आइडिया लैब को भी इस तरह डिजाइन किया गया था, ताकि घरों मंे कैद बच्चों की रचनात्मकता को बढ़ाने के अवसर दिए जा सकें और उन्हें अपनी कल्पना के दायरे को व्यापक बनाने का मौका मिल सके। इस दौरान कुछ शानदार और अनूठे प्रोजेक्ट्स सामने आए हैं। विजेताओं को मेरी हार्दिक बधाई देते हुए हम उनके बेहतर भविष्य की कामना करते हैं।’’

डाॅ. श्रीमती केसन (एम्बेसडर टू नासा, ईएसए एंड जीसीटीसी स्पेस कैम्प्स) ने कहा, ‘‘फेविक्रिएट आइडिया लैब के साथ जुड़ते हुए मुझे बहुत खुशी हुई। इस दौरान विज्ञान और नवाचार के प्रति युवा मन का झुकाव देखकर बहुत अच्छा लगा। मेरा मानना है कि प्रतियोगिता साइंस और क्राफ्ट का एक आदर्श संयोजन प्रस्तुत करती है। विजेताओं को मेरी हार्दिक बधाई!’’

यह प्रतियोगिता अक्टूबर - 2020 के मध्य में शुरू हुई और 10 जनवरी 2021 तक जारी रही। 5-9 वर्ष और 9-14 वर्ष की आयु के प्रतिभागियों को दो विषय सौंपे गए थे। पहले वर्ग के लिए- रीयूज एंड रीसाइकल, इंडिया इन द स्पेस और दूसरे वर्ग के लिए सोर्सेज आॅफ एनर्जी और सिटीज आॅफ द फ्यूचर। हालांकि निर्णायकों के लिए मानदंड समान रखे गए थे। कुल मिलाकर महत्वपूर्ण बात यह थी कि स्पर्धा की थीम इस तरह निर्धारित की गई थी कि युवा वर्ग सिर्फ पढ़ाई-लिखाई तक ही सीमित नहीं रहे और जीवन से जुड़े अहम मुद्दों पर भी विचार करें।

प्रतियोगिता में 500 शहरों के 20,000 से अधिक छात्रों ने भागीदारी निभाई। प्रतिभागियों ने फेविक्रिएट वेबसाइट पर अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए, जिनका मूल्यांकन पूरे भारत के 70 निष्पक्ष विशेषज्ञों द्वारा किया गया था। प्राप्त प्रविष्टियों से, विषय की समझ, विशिष्टता, प्रोजेक्ट की अवधारणा और स्पष्टता को प्रदर्शित करने में रचनात्मकता के आधार पर 36 प्रविष्टियों को सूचीबद्ध किया गया।

ट्राफियों के साथ सम्मानित होने के अलावा, विजेताओं ने एप्पल मैकबुक और आईपैड भी हासिल किए।

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