रा.सा.सा.व सांस्कृतिक संस्था की 100 वीं मासिक काव्य गोष्ठीयाँ पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संस्था ने शतकीय काव्य महोत्सव का आनलाईन गूगल मीट पर आयोजन किया। दिनाँक 12 अगस्त से 26 अगस्त तक प्रतिदिन सायं साढे़ पाँच बजे से साढ़े आठ बजे रात तक अलग अलग भारतीय भाषाओं में यह महोत्सव आयोजित हुआ।
प्रथम दिवस 12 अगस्त को मराठी भाषा का आयोजन हुआ, जिसका संयोजन पूजा नाखरे ने और संचालन रंजना करकरे ने किया। मुख्य अतिथि नेहा सावंत, विभागाध्यक्ष मराठी भाषा - भवंस महाविद्यालय, अंधेरी की गरिमामय उपस्थिति में अध्यक्षता गजल गुरू आदरणीय ए के शेख सर ने की।
दूसरे दिन राजस्थानी भाषा का आयोजन संस्था के मार्गदर्शक डॉ श्रीहरि वाणी के संयोजन एवम आदरणीय रामेश्वर शर्मा "रामू भइया" के उत्कृष्ट संचालन में संपन्न हुआ, इसमें मुख्य अतिथि के रूप में मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा की गरिमामय उपस्थिति रही,अध्यक्षता प्रेम शास्त्री ने की।
तीसरे दिन बांग्ला भाषा का संयोजन संचालन संस्था के उपकोषाध्यक्ष आदरणीय सौरभ दत्ता "जयंत" ने किया,मुख्य अतिथि शेली सेन गुप्ता, बांग्लादेश की उपस्थिति में अध्यक्षता आदरणीय जितेन्द्रनाथ गोस्वामी ने की।
चतुर्थ दिवस स्वतंत्रता दिवस के अमृत महोत्सव में आदरणीय हौंसिला प्रसाद अन्वेषी की अध्यक्षता में प्राध्यापक अंजनी कुमार द्विवेदी "रसिक"ने जोरदार संचालन किया। मुख्य अतिथि डॉ सागर त्रिपाठी की उपस्थिति आयोजन में चार चाँद लगा रही थी।
पाँचवे दिन भोजपुरी अवधी भाषा का संयोजन संस्था के सचिव लालबहादुर यादव कमल ने किया। मुख्य अतिथि अमित दूबे की गरिमामय उपस्थिति में संचालन लोकनाथ तिवारी "अनगढ़" ने किया। अध्यक्षता संस्था के उपाध्यक्ष आदरणीय श्रीधर मिश्र ने की।
छठे दिन काव्य सृजन महिला मंच, महाराष्ट्र इकाई के संयोजन में महिला मंच की कोषाध्यक्ष डॉ वर्षा सिंह ने उत्कृष्ट संचालन किया। मुख्य अतिथि डॉ अलका अरोड़ा की उपस्थिति में अध्यक्षता नीलिमा पाण्डेय ने किया।
सातवें दिन काव्य सृजन, दिल्ली इकाई के तत्वावधान में संचालन इकाई के अध्यक्ष पंकज तिवारी ने किया।मुख्य अतिथि सागर सर्राफ "उदय पुरी" की उपस्थिति में अध्यक्षता विजय तिवारी "किसलय" ने किया।
आठवें दिन हिन्दी भाषा में संयोजन संस्था के प्रवक्ता आनंद पाण्डेय "केवल" ने किया। संचालन का भार संस्था के संस्थापक अध्यक्ष पं.शिवप्रकाश जौनपुरी ने बखूबी सम्हाला। मुख्य अतिथि गजल गुरू ए के शेख सर की उपस्थिति में अध्यक्षता डॉ किशन तिवारी की।
नौवें दिन बहुभाषीय काव्य संध्या का संयोजन मार्गदर्शक मोतीलाल बजाज जी ने किया। संचालन में अपना जलवा आर जे आरती सैया "हिरांसी" ने बिखेरा। मुख्य अतिथि नाईस म्युजिक के निदेशक आदरणीय राजेश उपाध्याय की उपस्थिति में अध्यक्षता संस्था के मार्गदर्शक हौंसिला प्रसाद अन्वेषी ने की।
दसवें दिन डॉ श्रीहरि वाणी की प्रथम प्रकाशित पुस्तक 'दूर देश से आते आखर' पर परिचर्चा टेन न्यूज टी वी लाईव शो के संयोजन में हुई। महामंडलेश्वर डॉ. हेमानंद सरस्वती की विशिष्ट उपस्थिति में संचालन रामेश्वर शर्मा "रामू भइया" ने किया। अध्यक्षता मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा ने की।
तदुपरान्त लगातार मैराथन सम्मान समारोह 26 अगस्त 2021 तक चला। जिसमें आनलाईन देश व विदेश से 115 लोगों को काव्यसृजन रत्न ई-सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस मैराथन काव्य गोष्ठी के समापन पर काव्यसृजन परिवार ने सभी सहभागी कवि - कवयित्रियों एवम श्रोताओं का हृदय तल से आभार व्यक्त किया।
सभी का अभिनंदन करते हुए आदरणीय शिव प्रकाश जौनपुरी ने कहा कि आप सभी काव्य सृजन परिवार पर अपना स्नेह पूर्ववत बनाये रहें।
संस्था सदैव आप सबका मान बढ़ाने का काम करती रहेगी।
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