युवतियों ने दुल्हन वेश में किया रैंप वॉक; विवाह संस्कृति की विविधता का आकर्षक प्रदर्शन
डोंबिवली। बदलती सामाजिक परिस्थितियों में ऑनलाइन विवाह संस्थाओं में बढ़ती ठगी, फर्जी पहचान और आपराधिक प्रवृत्तियों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से “ऑनलाइन नवरा नको गं बाई...” विषय पर एक प्रबोधनात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया। नेत्रा एंटरप्रायझेस के “वुई मुक्ता” मंच और स्विफ्ट डिटेक्टिव एंड इन्वेस्टिगेशन्स के संयुक्त तत्वावधान में डोंबिवली स्थित शुभमंगल कार्यालय, दूसरी मंजिल, एवरेस्ट शॉपिंग सेंटर, बाटा शोरूम के ऊपर, स्टेशन के सामने, लोकमान्य चौक में यह कार्यक्रम हाल ही में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रिया काकड़े (संचालिका, स्विफ्ट डिटेक्टिव एंड इन्वेस्टिगेशन्स) ने महिलाओं को ऑनलाइन विवाह प्लेटफॉर्म से जुड़े जोखिम, ठगी के मामलों और उनसे बचाव के उपायों पर उदाहरण सहित मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि कई बार फर्जी प्रोफाइल के माध्यम से महिलाओं की आर्थिक और मानसिक ठगी की जाती है, इसलिए सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है।
इसके अलावा उन्होंने विवाहेतर संबंध, तलाक के लिए आवश्यक सबूत एकत्र करने तथा सोशल मीडिया के कारण बढ़ती दूरियों के विषय में भी विस्तृत जानकारी दी। अपने व्याख्यान में प्रिया काकड़े ने स्पष्ट किया कि कई महिलाएं प्रेम, विवाह या भावनात्मक सुरक्षा के नाम पर जाल में फंस रही हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लगभग 90 प्रतिशत प्रोफाइल फर्जी होते हैं, और कुछ मामलों में आर्थिक ठगी के साथ महिलाओं की बिक्री तक के गंभीर मामले सामने आए हैं।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “दुल्हन रैंप वॉक प्रतियोगिता” रहा, जिसमें इस वर्ष केवल युवतियों ने भाग लेते हुए दुल्हन के वेश में आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुति दी। पारंपरिकता और आधुनिकता का समन्वय करते हुए देश के विभिन्न राज्यों की विवाह संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन इस फैशन शो में किया गया। राजस्थान, गुजरात, केरल, महाराष्ट्र सहित मारवाड़ी और बौद्ध समाज की दुल्हन वेशभूषाओं को दर्शकों ने विशेष रूप से सराहा।
इस कार्यक्रम को सोनरूपम ज्वेलर्स और उज्वलाज ब्यूटी सैलून एंड अकैडमी का सह-प्रायोजन प्राप्त हुआ। महाराष्ट्र शासन के हाफकिन जीव औषध निर्माण महामंडल में कामगार कल्याण, जनसंपर्क और मानव संसाधन एवं विकास विभाग के प्रमुख अमित डोंगरे, साइबर नेटवर्किंग विशेषज्ञ एवं सलाहकार स्वप्नेश माली, माखन मंडराई, उज्वला चव्हाण तथा आयोजक “वुई मुक्ता” की संस्थापक नेत्रा गुजराठी इस अवसर पर उपस्थित थे।
फैशन शो में महाराष्ट्रीयन नौवारी साड़ी, राजस्थानी गोटा-पट्टी घाघरा-चोली, गुजराती पानेटर साड़ी व घरचोला, केरल की कसावू साड़ी तथा मारवाड़ी और बौद्ध समाज की पारंपरिक वेशभूषाओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया, जिससे परंपरा, शालीनता और सांस्कृतिक विविधता का सुंदर संदेश मिला।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। “वुई मुक्ता” की संस्थापक नेत्रा गुजराठी ने कहा कि समाज के संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर चर्चा कर महिलाओं में जागरूकता लाना इस मंच का मुख्य उद्देश्य है। इस कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को प्री-मैट्रिमोनियल प्रोफाइल जांच, ठगी से बचाव के उपाय तथा आवश्यक सबूत जुटाने के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।
आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे उपक्रम महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ विवाह संस्थाओं में बढ़ती आधुनिक आपराधिक प्रवृत्तियों की पहचान करने में सहायक सिद्ध होंगे।


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